नेपाल की राजनीति में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया जब प्रधानमंत्री सुशीला कार्की और नेकपा (एमाले) अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के बीच करीब तीन घंटे से अधिक समय तक वन-टू-वन बैठक हुई।
🏛️ बालुवाटार में अहम वार्ता
यह बैठक प्रधानमंत्री के सरकारी आवास बालुवाटार में हुई। ओली सुबह करीब 11 बजे वहां पहुंचे।
प्रधानमंत्री के प्रेस सलाहकार राम रावल के अनुसार, शुरुआत में ओली प्रधानमंत्री के पति दुर्गा सुबेदी के स्वास्थ्य की जानकारी लेने आए थे, लेकिन जल्द ही यह मुलाकात गंभीर राजनीतिक बातचीत में बदल गई।
🗳️ चुनाव रहे चर्चा का केंद्र
Sushila Karki KP Sharma Oli meeting का मुख्य विषय आगामी 5 मार्च को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव रहे।
वार्ता करीब 11:30 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक चली।
राम रावल के अनुसार—
“दोनों नेताओं के बीच लंबे समय तक एकांत संवाद हुआ, जिससे आपसी विश्वास का माहौल बना।”
🤝 चुनाव में सहयोग का आश्वासन
केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री को भरोसा दिलाया कि एमाले पार्टी चुनाव प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करेगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के साथ चुनाव लड़ेगी।
प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने भी ओली को आश्वस्त किया कि सरकार ने सुरक्षा और चुनावी प्रबंध पूरे कर लिए हैं।
🔁 राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 8-9 सितंबर को हुए ‘जेन-जी आंदोलन’ के बाद ओली सत्ता से बाहर हुए थे और 12 सितंबर को सुशीला कार्की प्रधानमंत्री बनी थीं।
इसके बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली प्रत्यक्ष और निजी मुलाकात मानी जा रही है।
🌏 नेपाल की राजनीति में नई हलचल
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक नेपाल की राजनीतिक स्थिरता और आगामी चुनावों के लिए बेहद अहम है।
इससे सरकार और विपक्ष के बीच संवाद का नया रास्ता खुल सकता है।




