⚖️ जिला अदालत से मिली राहत
आजाद सेना के अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को वाराणसी की जिला अदालत से बड़ी राहत मिली है।
जिला जज संजीव शुक्ला ने उन्हें 50-50 हजार रुपये की दो जमानतों और बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया।
📄 क्या है पूरा मामला?
यह केस वाराणसी के चौक थाने में दर्ज हुआ था।
हिंदू युवा वाहिनी के मंडल अध्यक्ष और वीडीए के मानद सदस्य अंबरीष सिंह भोला ने 9 दिसंबर को मुकदमा दर्ज कराया था।
शिकायत के अनुसार, अमिताभ ठाकुर ने 30 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें कथित रूप से कफ सीरप मामले में अंबरीष सिंह पर बिना सबूत आरोप लगाए गए थे।
🗣️ सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान का आरोप
अंबरीष सिंह का कहना था कि इस वीडियो से उनकी छवि और सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा, इसलिए इसे मानहानि और भ्रामक प्रचार माना गया।
इस मामले में अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
🏛️ कोर्ट में क्या हुआ?
वारंट ‘बी’ जारी होने के बाद पुलिस 19 दिसंबर को अमिताभ ठाकुर को देवरिया जेल से वाराणसी लाकर विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया था।
उस समय जमानत पर सुनवाई नहीं हो सकी थी।
इसके बाद 23 दिसंबर को जिला अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी, जिस पर आज सुनवाई हुई और जमानत मंजूर की गई।
🧑⚖️ बचाव पक्ष की दलील
अधिवक्ता अनुज यादव ने अदालत में दलील दी कि लगाए गए आरोप तथ्यों से परे हैं और अभियुक्त को झूठे मामले में फंसाया गया है, जिसके आधार पर कोर्ट ने जमानत स्वीकार की।




