उत्तर प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों को कार्यस्थल पर अनुकूल माहौल और पारिवारिक सहयोग देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। बरेली परिक्षेत्र के अंतर्गत थानों और पुलिस कार्यालयों में शिशु गृह (क्रेच) स्थापित किए जा रहे हैं ताकि महिला पुलिसकर्मी निश्चिंत होकर ड्यूटी कर सकें।
अब तक बरेली परिक्षेत्र के चार जिलों में कुल 45 क्रेच शुरू किए जा चुके हैं।
चार जिलों में स्थिति
- बरेली – 10 शिशु गृह
- बदायूं – 7 शिशु गृह
- पीलीभीत – 5 शिशु गृह
- शाहजहांपुर – सभी थानों में क्रेच सुविधा
अन्य थानों और कार्यालयों में भी यह सुविधा चरणबद्ध रूप से लागू की जा रही है।
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी?
इन शिशु गृहों में —
- बच्चों के खेलने की व्यवस्था
- सुरक्षित देखभाल
- स्तनपान कक्ष
- महिला पुलिसकर्मियों और आगंतुकों के बच्चों की निगरानी
की व्यवस्था की गई है।
मिशन शक्ति 5.0 के तहत पहल
यह योजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण नीति तथा मिशन शक्ति अभियान 5.0 के अंतर्गत लागू की गई है।
पुलिस महानिदेशक के निर्देश और बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी अजय कुमार साहनी के मार्गदर्शन में इसे जमीन पर उतारा गया है।
महिला पुलिस को मिलेगा मानसिक सुकून
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने कहा —
“महिला पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के साथ-साथ मातृत्व और परिवार की जिम्मेदारी भी निभानी होती है। क्रेच सुविधा से उन्हें मानसिक राहत मिलेगी और वे अधिक मनोयोग से अपनी सेवा दे सकेंगी।”
महिला सशक्तीकरण की दिशा में मजबूत कदम
पुलिस विभाग की यह पहल महिला कर्मियों के लिए कार्यस्थल को परिवार-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा सुधार मानी जा रही है। इससे न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि नौकरी और मातृत्व के बीच संतुलन भी आसान होगा।




