🔹 नेपाल का नया गौरव
Hari Budha Magar Seven Summits मिशन अब पूरा हो चुका है।
हरि बुद्ध मगर ने माउंट विंसन पर नेपाल का झंडा फहराया।
🔹 अंटार्कटिका में ऐतिहासिक चढ़ाई
उन्होंने तीन दिन की कठिन यात्रा के बाद शिखर छुआ।
इससे Hari Budha Magar Seven Summits और ऐतिहासिक बन गया।
🔹 दुनिया के पहले दिव्यांग
दोनों पैरों के बिना सात महाद्वीपों पर चढ़ना असाधारण है।
इसी कारण Hari Budha Magar Seven Summits दुनिया में खास है।
🔹 ठंड और तूफान से संघर्ष
माइनस 25 डिग्री तापमान में भी उन्होंने हार नहीं मानी।
यह जज्बा Hari Budha Magar Seven Summits की पहचान है।
🔹 अफगानिस्तान में घायल हुए थे
आईईडी विस्फोट में दोनों पैर खोने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी।
यही संघर्ष Hari Budha Magar Seven Summits को प्रेरणादायक बनाता है।
🔹 सात चोटियों की यात्रा
मों ब्लां से माउंट एवरेस्ट तक उन्होंने हर शिखर फतह किया।
इससे Hari Budha Magar Seven Summits एक विश्व रिकॉर्ड बना।
🔹 दिव्यांगों को समर्पित
उन्होंने यह सफलता दिव्यांग समुदाय को समर्पित की।
इसलिए Hari Budha Magar Seven Summits भावनात्मक भी है।
🔹 नेपाल का नाम रोशन
उनकी उपलब्धि ने देश का सम्मान बढ़ाया।
आज Hari Budha Magar Seven Summits पूरी दुनिया में चर्चा में है।




