🔹 घाटों पर भारी भीड़
Ganga Snan Makar Sankranti के मौके पर गंगा तटों पर भारी भीड़ जुटी।
सुबह से ही श्रद्धालु घाटों पर पूजा और स्नान करते दिखे।
🔹 परंपरा का पालन
लोगों ने परंपरा के अनुसार 14 जनवरी को स्नान किया।
इस कारण Ganga Snan Makar Sankranti का महत्व और बढ़ गया।
🔹 विभिन्न जिलों से आगमन
हावड़ा और हुगली से भी श्रद्धालु पहुंचे।
इससे Ganga Snan Makar Sankranti एक बड़ा धार्मिक आयोजन बन गया।
🔹 पुरोहितों की मौजूदगी
घाटों पर वैदिक विधि से पूजा कराई गई।
इसने Ganga Snan Makar Sankranti को और पवित्र बनाया।
🔹 धार्मिक मान्यता
खरमास के समाप्त होने पर शुभ कार्य शुरू होते हैं।
इसी से Ganga Snan Makar Sankranti का महत्व जुड़ा है।
🔹 पौराणिक कथा
राजा सगर के पुत्रों को इसी गंगा से मोक्ष मिला था।
इस कारण Ganga Snan Makar Sankranti में लोगों की गहरी आस्था है।
🔹 आस्था का सैलाब
हजारों लोग गंगा में डुबकी लगाते दिखे।
इससे Ganga Snan Makar Sankranti पूरे क्षेत्र में खास बन गया।




