मकर संक्रांति के पावन अवसर पर उत्तरकाशी गंगा स्नान के लिए बुधवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों भक्तों ने भागीरथी गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और पुण्य अर्जित किया।
🌅 ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुआ स्नान
तड़के चार बजे से ही मणिकर्णिका घाट, लक्षेश्वर, शंकर मठ, नाकुरी, देवीधार और गंगोरी अस्सी गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। चारों ओर “हर-हर गंगे” के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
🛕 देव डोलियों ने बढ़ाया धार्मिक उल्लास
उत्तरकाशी गंगा स्नान के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से देव डोलियों का भव्य आगमन हुआ। बाड़ाहाट, रनाड़ी, डुंडा, धनारी और टिहरी क्षेत्र से कंडार देवता, हरिमहाराज, खंडधारी माता, नाग देवता, रिंगाली देवी, त्रिपुरा माता और राजराजेश्वरी देवी की डोलियां गंगा तट तक पहुंचीं।
ढोल-नगाड़ों और धार्मिक जुलूसों के साथ देव डोलियों की मौजूदगी ने पूरे उत्तरकाशी को भक्तिमय बना दिया।
🌊 गंगनानी कुंड में भी श्रद्धालुओं की भीड़
यमुना घाटी के प्रसिद्ध गंगनानी कुंड, जहां गंगा-यमुना और केदार गंगा का संगम होता है, वहां भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
🚓 प्रशासन पूरी तरह सतर्क
प्रशासन ने उत्तरकाशी गंगा स्नान को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए घाटों पर सुरक्षा, पुलिस बल और मेडिकल सुविधा तैनात की थी।




