बीएचयू की शोध छात्रा गुनिया यादव ने बढ़ाया बनारस का मान, मिला सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र पुरस्कार

0
298

काशी हिंदू विश्वविद्यालय की शोध छात्रा गुनिया यादव शोध पुरस्कार जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गई हैं।
उन्हें “सर्वश्रेष्ठ शोधपत्र – नमिता जोशी स्वर्ण पदक” से सम्मानित किया गया है।

🏅 लखनऊ में मिला प्रतिष्ठित सम्मान

यह सम्मान भारतीय पुरातत्व सोसाइटी, भारतीय प्रागैतिहासिक एवं चतुर्थक अध्ययन सोसाइटी और इतिहास एवं संस्कृति सोसाइटी द्वारा दिया गया।
सम्मेलन 9 से 11 जनवरी 2026 के बीच लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ।

📚 किस विषय पर किया शोध

गुनिया यादव ने “निज़ामाबाद और उसके आसपास मृद्भांड निर्माण परंपरा की निरंतरता” विषय पर शोधपत्र प्रस्तुत किया।
इस अध्ययन में उन्होंने कुम्हार समुदाय की जीवनशैली और सांस्कृतिक परंपराओं का विश्लेषण किया।

गुनिया यादव शोध पुरस्कार उनके नृवंशविज्ञानिक अध्ययन को राष्ट्रीय पहचान दिला रहा है।

👩‍🦰 महिलाओं की भूमिका पर खास फोकस

उनके शोध में कुम्हार समाज की महिलाओं की भूमिका को विशेष रूप से उजागर किया गया।
उन्होंने महिलाओं के अदृश्य श्रम और उनके आर्थिक सशक्तिकरण पर प्रकाश डाला।

यह अध्ययन पारंपरिक शिल्प को नई दृष्टि से देखने का अवसर देता है।

🎓 बीएचयू के लिए गौरव

गुनिया यादव का शोध डॉ. विराग सोनटक्के के मार्गदर्शन में किया गया।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर महेश प्रसाद अहिरवार ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात बताया।

गुनिया यादव शोध पुरस्कार से बीएचयू के शोध कार्यों को भी नई पहचान मिली है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here