ईरान तनाव के बीच अमेरिका का सैन्य संदेश
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच वॉशिंगटन ने बड़ा सैन्य कदम उठाया है। अमेरिकी नौसेना का परमाणु विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) की ओर रवाना कर दिया गया है। यह जहाज अमेरिकी नौसेना के सबसे शक्तिशाली कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में शामिल है और व्यापक मारक क्षमता रखता है।
क्यों भेजा गया युद्धपोत?
सीएनएन के मुताबिक, तेहरान में हालात कुछ हद तक शांत दिख रहे हैं, लेकिन ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों और हिंसक कार्रवाई को लेकर अमेरिका सतर्क है। व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि यदि ईरान में “हत्याएं जारी रहीं” तो गंभीर परिणाम होंगे। इसी बीच अमेरिका ने अपने सैन्य संसाधन मध्य पूर्व में तैनात करने शुरू कर दिए हैं।
कितना शक्तिशाली है अब्राहम लिंकन?
- वजन: 1,00,000 टन से अधिक
- लंबाई: लगभग 1,100 फीट
- क्षमता: 90 लड़ाकू विमान व हेलीकॉप्टर
- विमान: F/A-18 और F-35 फाइटर जेट
- साथ में: तीन गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर
- मिसाइल क्षमता: टॉमहॉक क्रूज मिसाइलें (1,000 मील तक मारक)
अमेरिकी नौसेना के अनुसार, यह कैरियर स्ट्राइक ग्रुप हवाई और समुद्री दोनों तरह के खतरों से निपटने में सक्षम है।
व्हाइट हाउस की चेतावनी
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी विकल्प खुले रखे हैं। उन्होंने कहा, “ईरानी सरकार को साफ संदेश दिया गया है—अगर हिंसा जारी रही तो गंभीर नतीजे होंगे।”
ईरान में हालात चिंताजनक
अमेरिकी मानवाधिकार समूहों के अनुसार, ईरान में हालिया प्रदर्शनों में कम से कम 2,400 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है।
कितने दिन में पहुंचेगा युद्धपोत?
यूएसएस अब्राहम लिंकन को आखिरी बार दक्षिण चीन सागर में देखा गया था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इसे फारस की खाड़ी तक पहुंचने में 5–7 दिन लग सकते हैं।




