🔹 विकसित भारत की नींव
एमबीएम विश्वविद्यालय जोधपुर में Water Security India 2047 पर बड़ी चर्चा हुई।
राष्ट्रीय जल शक्ति हैकाथॉन 2025 में विशेषज्ञों ने नए समाधान सुझाए।
🔹 कुलपति का संदेश
कुलपति प्रो. अजय कुमार शर्मा ने जल सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता बताया।
उन्होंने कहा कि Water Security India 2047 बिना जल संरक्षण संभव नहीं है।
🔹 हैकाथॉन का उद्देश्य
यह कार्यशाला जल प्रबंधन में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए थी।
इससे Water Security India 2047 को जमीनी मजबूती मिलेगी।
🔹 किसने आयोजित किया
कार्यक्रम जल शक्ति मंत्रालय और राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान ने प्रायोजित किया।
संयुक्त आयोजन से Water Security India 2047 को व्यापक मंच मिला।
🔹 बड़ी भागीदारी
कार्यशाला में 350 से अधिक छात्र और शोधार्थी शामिल हुए।
आईआईटी जोधपुर और कृषि विश्वविद्यालय ने भी योगदान दिया।
🔹 लाइव डेमो का लाभ
प्रतिभागियों को ऑन-स्पॉट पंजीकरण की लाइव जानकारी दी गई।
इससे Water Security India 2047 के लिए व्यावहारिक सीख मिली।
🔹 विशेषज्ञों की मौजूदगी
मुख्य अभियंता अरुण कुमार सिडाना ने तकनीकी दृष्टि साझा की।
डॉ. जयश्री वाजपेयी ने अकादमिक योगदान पर जोर दिया।
🔹 उद्योग जगत की भूमिका
अतिरिक्त आयुक्त शंकर लाल पालीवाल ने औद्योगिक साझेदारी की बात कही।
अनुराग लोहिया ने जल नवाचार में उद्योग की भागीदारी पर बल दिया।
🔹 सतत जल प्रबंधन
कार्यशाला में भूजल संरक्षण और जल दक्षता पर चर्चा हुई।
यह Water Security India 2047 का मूल आधार माना गया।
🔹 आगे की राह
प्रतिभागियों से नए प्रोजेक्ट तैयार करने की उम्मीद जताई गई।
इससे Water Security India 2047 को ठोस दिशा मिलेगी।




