🔹 सरकारी टीवी पर हमला
तेहरान में Iran TV Hack ने बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा किया।
अनाम हैकरों ने सरकारी चैनलों का नियंत्रण ले लिया।
🔹 लाइव विरोध प्रसारण
बद्र सैटेलाइट पर विरोध के वीडियो दिखाए गए।
साथ ही राजकुमार रजा पहलवी का संदेश चला।
🔹 जनता से अपील
रजा पहलवी ने लोगों को आंदोलन में जुड़ने को कहा।
उन्होंने सेना से प्रदर्शनकारियों का साथ देने की अपील की।
🔹 इंटरनेट बंद, फिर भी संदेश
सरकार ने देशभर में इंटरनेट रोक रखा है।
फिर भी Iran TV Hack से आवाज दुनिया तक पहुंची।
🔹 सरकार की प्रतिक्रिया
खामेनेई कार्यालय ने ट्रंप की टिप्पणी खारिज की।
इसे “हताश राजनीति” करार दिया गया।
🔹 जेलों में क्रूरता
रिपोर्टों में बंदियों पर अत्याचार के आरोप लगे।
ठंड में नग्न रखने और पानी डालने की बात सामने आई।
🔹 रहस्यमय इंजेक्शन
कुछ कैदियों को अज्ञात इंजेक्शन लगाए गए।
किसी को दवा का नाम तक नहीं बताया गया।
🔹 अमेरिकी जहाज की हलचल
यूएसएस अब्राहम लिंकन युद्धपोत मध्य पूर्व भेजा गया।
इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
🔹 वैश्विक समर्थन
न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और जापान में रैलियां हुईं।
यूरोप और कनाडा में भी विरोध जारी रहा।
🔹 मीडिया पर दबाव
ईरान सरकारी टीवी पर निर्भर बना हुआ है।
लेकिन Iran TV Hack ने उसकी पकड़ ढीली की।
🔹 राजनीतिक असर
इस घटना से सरकार की विश्वसनीयता घटी है।
साथ ही प्रदर्शनकारियों का मनोबल बढ़ा है।
🔹 सुरक्षा चुनौती
साइबर सुरक्षा अब ईरान की बड़ी समस्या बन गई।
भविष्य में और हमलों का खतरा दिख रहा है।
🔹 अंतरराष्ट्रीय चिंता
पश्चिमी देश स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं।
कूटनीतिक टकराव और गहराने की आशंका है।
🔹 आगे क्या होगा
अगर दमन जारी रहा तो विरोध और तेज होगा।
और Iran TV Hack जैसे और हमले संभव हैं।
🔹 कुल मिलाकर
यह घटना ईरान के इतिहास का बड़ा मोड़ है।
सरकार बनाम जनता की लड़ाई निर्णायक दिख रही है।




