🔹 बड़ा प्रशासनिक विवाद
पूर्व मेदिनीपुर में Medinipur Voter Notice से नई मुसीबत खड़ी हुई।
मतदाता सूची पुनरीक्षण में अधिकारियों को ही नोटिस भेजे गए।
🔹 किसे मिला नोटिस
तमलुक बीडीओ और एईआरओ शेख वसीम रज़ा को नोटिस मिला।
उनके नाम में कथित विसंगति बताई गई।
🔹 विडंबना क्या है
रज़ा रोज सैकड़ों नागरिकों की सुनवाई कर रहे हैं।
फिर भी उन्हें खुद Medinipur Voter Notice मिला।
🔹 और भी अधिकारी प्रभावित
बीएलओ अनूप माइती को भी ऐसा ही पत्र भेजा गया।
हारून अल रशीद शेख को 24 जनवरी को बुलाया गया।
🔹 प्रशासन में नाराजगी
अधिकारियों ने इसे मानसिक उत्पीड़न बताया है।
साथ ही सरकारी कामकाज प्रभावित होने की बात कही।
🔹 कामकाज पर असर
अधिकारी बोले—अगर हम खुद सुनवाई में जाएंगे,
तो आम लोगों की शिकायतें कौन निपटाएगा।
🔹 तकनीकी खामी का आरोप
अधिकारियों का मानना है कि एआई सिस्टम में गलती है।
इसी वजह से Medinipur Voter Notice भेजा गया।
🔹 सॉफ्टवेयर की समस्या
डेटा मिलान प्रणाली सही तरह काम नहीं कर रही।
इससे गलत अलर्ट लगातार निकल रहे हैं।
🔹 नागरिक भी परेशान
स्थानीय लोग भी इस अव्यवस्था से नाराज हैं।
उन्हें भी बार-बार नोटिस मिल रहे हैं।
🔹 चुनाव आयोग से मांग
अधिकारियों ने तत्काल दखल की मांग की है।
ताकि Medinipur Voter Notice विवाद सुलझे।
🔹 क्या समाधान जरूरी है
पहले तकनीकी प्रणाली दुरुस्त करनी होगी।
फिर ही पुनरीक्षण सही तरीके से चलेगा।
🔹 आगे क्या होगा
अगर सुधार नहीं हुआ तो विवाद बढ़ेगा।
और Medinipur Voter Notice पर राजनीति गरमाएगी।
🔹 कुल मिलाकर असर
यह घटना प्रशासनिक विश्वसनीयता पर सवाल है।
अब सबकी नजर चुनाव आयोग के फैसले पर है।




