🔹 शिविर के बाहर रात
प्रयागराज में Prayagraj Shankaracharya Protest बड़ा मामला बन गया।
शंकराचार्य पूरी रात शिविर के बाहर रहे।
🔹 पालकी पर आसन
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पालकी पर बैठे रहे।
उन्होंने अन्न और जल का त्याग किया।
🔹 प्रशासन से नाराजगी
माघ मेला पुलिस व्यवहार पर नाराजगी जताई।
इसी वजह से उन्होंने शिविर नहीं छोड़ा।
🔹 भक्त साथ रहे
सैकड़ों शिष्य रेती पर बैठे रहे।
रात भर राम नाम का जाप चलता रहा।
🔹 सुबह दंड तर्पण
सोमवार सुबह पालकी पर ही पूजा हुई।
विधि-विधान से दंड तर्पण किया गया।
🔹 प्रवक्ता का बयान
शैलेन्द्र योगी सरकार ने जानकारी दी।
उन्होंने पूरा घटनाक्रम विस्तार से बताया।
🔹 संगम की रेती पर साधना
भक्त संगम किनारे बैठे रहे।
सबने गुरु के साथ संयम रखा।
🔹 जय सियाराम के स्वर
पूरी रात जयकारे गूंजते रहे।
भक्ति और अनुशासन दिखा।
🔹 माहौल हुआ भावुक
कई श्रद्धालु भावुक हो गए।
उन्होंने संत के साथ उपवास रखा।
🔹 मेला प्रशासन पर सवाल
इस घटना से सवाल खड़े हुए।
संत समाज ने नाराजगी दिखाई।
🔹 क्यों बढ़ा विवाद
पुलिस व्यवहार को कारण बताया गया।
संत ने इसे अनुचित माना।
🔹 सुरक्षा के इंतजाम
मौके पर पुलिस तैनात रही।
लेकिन स्थिति शांत बनी रही।
🔹 क्या आगे होगा
प्रशासन बातचीत कर सकता है।
समाधान निकालने की कोशिश होगी।
🔹 संत परंपरा का संदेश
स्वामी ने तप और धैर्य दिखाया।
यह सनातन परंपरा का प्रतीक बना।
🔹 कुल मिलाकर असर
Prayagraj Shankaracharya Protest ने सबको चौंकाया।
अब सभी की नजर आगे की कार्रवाई पर है।




