🔹 वायरल वीडियो से सनसनी
सोमवार सुबह Birbhum Viral Video सोशल मीडिया पर तेजी से फैला।
वीडियो में युवक पिंटू पाल को धमकाया जाता दिखा।
🔹 टीएमसी कार्यालय में घटना
आरोप है कि युवक को टीएमसी कार्यालय में बुलाया गया।
वहां उसे आरएसएस छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।
🔹 डर का माहौल
कैमरे में युवक सहमा हुआ हाथ जोड़ता नजर आया।
वह बोला, “मैं अब कभी आरएसएस नहीं करूंगा।”
🔹 खुली धमकी
पीछे से आवाज आई, “आज किस्मत अच्छी है।”
नहीं तो भीड़ तुम्हें नोच डालती, यह कहा गया।
🔹 नेताओं पर आरोप
कहा जा रहा है कि स्थानीय टीएमसी नेता मौजूद थे।
उनकी मौजूदगी में यह सब हुआ, आरोप गंभीर है।
🔹 टीएमसी की प्रतिक्रिया
प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने घटना से इनकार किया।
फिर भी बोले, “आरएसएस न करना पुण्य है।”
🔹 सोशल मीडिया का गुस्सा
यूजर्स ने पुलिस पर सवाल उठाए।
Birbhum Viral Video पर भारी आलोचना हुई।
🔹 लोकतंत्र पर सवाल
क्या विचारधारा चुनना अपराध है?
यह सवाल Birbhum Viral Video ने खड़ा किया।
🔹 विपक्ष का हमला
विपक्ष ने इसे राजनीतिक आतंक बताया।
तत्काल गिरफ्तारी और जांच की मांग हुई।
🔹 फॉरेंसिक जांच की मांग
वीडियो की वैज्ञानिक जांच जरूरी बताई गई।
पीड़ित को सुरक्षा देने की मांग उठी।
🔹 पुलिस की भूमिका
बीरभूम पुलिस पर दबाव बढ़ गया है।
Birbhum Viral Video में कार्रवाई की उम्मीद है।
🔹 बड़ा संदेश
यह सिर्फ एक युवक का मामला नहीं है।
यह लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई है।




