ढाका में बड़ा विवाद
बांग्लादेश की राजधानी ढाका स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ एशिया पैसिफिक (UAP) ने दो वरिष्ठ शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया है।
विश्वविद्यालय ने उन पर ईशनिंदा और अवामी लीग समर्थक होने के आरोप लगाए हैं।
किसे निकाला गया?
बर्खास्त किए गए शिक्षकों के नाम हैं—
- असिस्टेंट प्रोफेसर लाइका बशीर
- एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एएसएम मोहसिन
दोनों बेसिक साइंसेज और ह्यूमैनिटीज विभाग से जुड़े थे।
डॉ. मोहसिन इसी विभाग के प्रमुख भी थे।
विश्वविद्यालय का बयान
UAP के प्रवक्ता सादिक हसन पलाश ने पुष्टि की कि—
“दोनों शिक्षकों की सेवाएं शनिवार से समाप्त कर दी गई हैं।”
हालांकि उन्होंने विस्तृत कारण नहीं बताए।
शिक्षकों का पक्ष
दोनों प्रोफेसरों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
उनका कहना है कि—
“विश्वविद्यालय के एक प्रभावशाली समूह ने साजिश रचकर उन्हें हटाया।”
छात्रों में नाराज़गी
कुछ छात्रों और नागरिकों ने आरोप लगाया कि—
- यह फैसला एक आंदोलन की आड़ में लिया गया।
- कार्रवाई राजनीतिक दबाव में हुई।
सोशल मीडिया पर इस फैसले की तीखी आलोचना हो रही है।
मामला क्यों संवेदनशील?
बांग्लादेश में—
- धर्म से जुड़े आरोप
- राजनीतिक संबद्धता
- अकादमिक स्वतंत्रता
तीनों बेहद संवेदनशील मुद्दे हैं। इसलिए यह मामला राष्ट्रीय चर्चा में आ गया है।
आगे क्या?
फिलहाल विश्वविद्यालय ने जांच की बात नहीं कही है।
मानवाधिकार संगठनों और शिक्षा विशेषज्ञों की नजर इस मामले पर है।




