काठमांडू, 20 जनवरी (हि.स.) — नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। नेपाली कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउबा को आगामी प्रतिनिधि सभा चुनाव का टिकट नहीं दिया है। साथ ही उनकी पत्नी और पूर्व विदेश मंत्री डॉ. आरजू देउबा भी उम्मीदवार नहीं बन सकीं। इस फैसले के साथ ही Sher Bahadur Deuba election ticket से बाहर हो गए हैं।
34 साल का संसदीय सफर खत्म
पांच बार नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके देउबा पिछले 34 वर्षों से लगातार सांसद रहे हैं और सात बार चुनाव जीत चुके थे। पार्टी के इस निर्णय ने उनके लंबे राजनीतिक करियर पर विराम लगा दिया है।
देउबा के निजी सचिव भानु देउबा ने बीती रात संक्षिप्त बयान जारी करते हुए कहा:
“नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउबा आगामी प्रतिनिधि सभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं होंगे।”
पार्टी ने आखिरी इच्छा ठुकराई
सूत्रों के अनुसार, देउबा ने आखिरी बार चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने इसे स्वीकार नहीं किया। यह फैसला नेपाली कांग्रेस के अंदर चल रहे नेतृत्व बदलाव और नई पीढ़ी को मौका देने की रणनीति से जुड़ा माना जा रहा है।
जेन-जी आंदोलन में निशाने पर रहे थे देउबा
पिछले साल जेन-जी आंदोलन के दौरान देउबा दंपति पर सार्वजनिक हमले भी हुए थे, जिसने उनकी राजनीतिक स्थिति को और कमजोर किया।
ज्योतिषी की भविष्यवाणी बनी चर्चा
कुछ साल पहले देउबा ने एक कार्यक्रम में कहा था कि ज्योतिषी ने भविष्यवाणी की थी कि वे सात बार प्रधानमंत्री बनेंगे—जो अब पूरी हो चुकी है।
5 मार्च का चुनाव
नेपाल में प्रतिनिधि सभा चुनाव 5 मार्च 2026 को होना है। देउबा और उनकी पत्नी के बाहर होने से नेपाली कांग्रेस की चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है।




