🚨 बड़ा घोटाला सामने आया
जबलपुर में धान उपार्जन से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया।
यह Jabalpur Paddy Scam करोड़ों की हेराफेरी को उजागर करता है।
📜 किसके खिलाफ FIR
खरीदी केंद्र प्रभारी रत्नेश भट्ट और कंप्यूटर ऑपरेटर अमन सेन आरोपी हैं।
दोनों पर मझौली थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
💻 फर्जी ऑनलाइन एंट्री
बिना तुलाई और परिवहन के ई-उपार्जन पोर्टल पर फर्जी प्रविष्टि की गई।
इससे सरकारी रिकॉर्ड में धान की मात्रा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई गई।
⚖️ जांच कैसे हुई
कलेक्टर के निर्देश पर संयुक्त जांच दल गठित किया गया।
जांच में भंडारण और रिकॉर्ड में भारी अंतर पाया गया।
⚠️ बोरियों में कम वजन
नियम अनुसार बोरी का वजन 40.580 किलो होना चाहिए था।
लेकिन औसतन केवल 33 से 35 किलो वजन पाया गया।
📉 कितनी धान कम मिली
जहां 65,235 क्विंटल धान होनी थी, वहां केवल 45,658 क्विंटल मिली।
यानी 14,934 क्विंटल धान गायब पाई गई।
💰 नुकसान का आंकड़ा
इस Jabalpur Paddy Scam से 3.53 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
राशि को भू-राजस्व बकाया के रूप में वसूला जाएगा।
🧾 अन्य गंभीर अनियमितताएं
बोरियों पर किसान कोड और स्टेकसिल नहीं थे।
हजारों खुले बारदाने भी मौके पर मिले।
👮 कानूनी कार्रवाई
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराएं लगाई गईं।
खाद्य विभाग ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
📢 निष्कर्ष
Jabalpur Paddy Scam सरकारी खरीदी प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
सख्त निगरानी से ही ऐसे घोटाले रोके जा सकते हैं।




