🔹 हाईकोर्ट का सख्त रुख
Jabalpur Police Dispute Case में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है।
कोर्ट ने मामले की जांच STF को सौंपने का निर्देश दिया।
🔹 पुलिस जांच पर उठे सवाल
हाईकोर्ट ने कहा कि अब तक की जांच संतुलित नहीं रही।
Jabalpur Police Dispute Case में एक पक्ष को प्राथमिकता दी गई।
🔹 एसटीएफ को सौंपी जांच
डिविजनल बेंच ने जांच तत्काल एसटीएफ जबलपुर को सौंप दी।
अब स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई गई है।
🔹 कोर्ट में अफसर रहे मौजूद
सुनवाई के दौरान लॉर्डगंज थाने के टीआई और एसआई व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।
कोर्ट ने केस डायरी और मेडिकल रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया।
🔹 क्लीन चिट पर सवाल
याचिका में कहा गया कि FIR से पहले ही पूर्व महापौर को क्लीन चिट दे दी गई।
यह पहलू Jabalpur Police Dispute Case में अहम माना गया।
🔹 पूर्व महापौर की गैरहाजिरी
कोर्ट ने यह भी नोट किया कि प्रभात साहू की ओर से कोई पेश नहीं हुआ।
डिविजनल बेंच ने इस अनुपस्थिति को गंभीर माना।
🔹 क्या है पूरा मामला
मामला 18 सितंबर 2025 का है, जब हेलमेट चेकिंग के दौरान विवाद हुआ।
आरोप है कि नियम तोड़ने पर बहस और बाद में भीड़ जुटाई गई।
🔹 ट्रैफिक और कानून व्यवस्था प्रभावित
याचिका के अनुसार सड़क जाम, धक्का-मुक्की और मारपीट हुई।
यह पूरा घटनाक्रम Jabalpur Police Dispute Case का केंद्र है।
🔹 अगली सुनवाई तय
हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 17 फरवरी 2026 को तय की है।
STF को सीलबंद रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।




