🔹 कोलकाता मार्च से पहले टकराव
ASHA Workers Protest Kolkata को लेकर बुधवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
विभिन्न जिलों से आ रहीं आशा कर्मियों को रास्ते में रोके जाने के आरोप लगे।
🔹 परिवहन और पुलिस पर लगाए आरोप
आशा संगठनों का कहना है कि बस सेवाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं।
इसी कारण ASHA Workers Protest Kolkata ने उग्र रूप ले लिया।
🔹 सड़क जाम से ठप हुआ यातायात
बांकुड़ा के खातड़ा क्षेत्र में सड़क जाम किया गया।
इससे ASHA Workers Protest Kolkata का असर दूर तक दिखा।
🔹 दुर्गापुर और अन्य इलाकों में प्रदर्शन
दुर्गापुर स्टेशन पर भी रोक के आरोप लगे।
कुछ कर्मी ट्रेन से हावड़ा जाने में सफल रहीं।
🔹 स्टेशनों पर भी टकराव
बेलदा और सियालदह स्टेशन पर भी तनाव की खबरें आईं।
कई आशा कर्मियों के हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया।
🔹 सरकार की प्रतिक्रिया
स्वास्थ्य राज्यमंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने राजनीति का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि आंदोलन के पीछे राजनीतिक प्रभाव है।
🔹 मुख्यमंत्री का उल्लेख
मंत्री ने कहा कि ममता बनर्जी आशा कर्मियों के प्रति संवेदनशील हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से भी मानदेय पर सवाल उठाया।
🔹 विपक्ष का आरोप
विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर दमन का आरोप लगाया।
उनका कहना है कि ASHA Workers Protest Kolkata को दबाया जा रहा है।
🔹 आशा कर्मियों की मांग
आंदोलनकारी कर्मियों का कहना है कि उनकी मांगें जायज हैं।
मानदेय बढ़ाने की मांग ASHA Workers Protest Kolkata का मुख्य मुद्दा है।
🔹 आगे क्या
स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
आशा कर्मियों ने आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है।




