🔹 बांग्लादेश में गैर-मुस्लिम सांसद पर विवाद
Bangladesh Jamaat Non-Muslim MP Controversy को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है।
बरगुना-2 संसदीय क्षेत्र से जमात-ए-इस्लामी समर्थित उम्मीदवार अफजल हुसैन के एक बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
🔹 वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
वीडियो में अफजल हुसैन यह कहते नजर आ रहे हैं कि
“80 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले बांग्लादेश में किसी गैर-मुस्लिम सांसद का होना संभव नहीं है।”
यह बयान उन्होंने 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के प्रचार के पहले दिन एक जनसभा के दौरान दिया था।
🔹 चुनावी मंच से दिया गया बयान
यह बयान बरगुना जिले के बामना उपजिला के डौयातला स्कूल मैदान में आयोजित जमात-ए-इस्लामी की चुनावी सभा में दिया गया।
इसी कार्यक्रम में अफजल हुसैन ने औपचारिक रूप से जमात-ए-इस्लामी में शामिल होने की घोषणा भी की।
🔹 संविधान और अल्पसंख्यक अधिकारों पर सवाल
Bangladesh Jamaat Non-Muslim MP Controversy को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
आलोचकों का कहना है कि यह बयान संविधान, लोकतंत्र और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ है।
🔹 धार्मिक शासन का संकेत
अपने भाषण में अफजल हुसैन ने यह भी कहा कि देश का शासन “अल्लाह के क़ुरआन के अनुसार” चलाया जाएगा।
इस बयान को लेकर राजनीतिक विशेषज्ञों ने इसे बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था के लिए चुनौती बताया है।
🔹 सोशल मीडिया और राजनीतिक हलचल
Bangladesh Jamaat Non-Muslim MP Controversy अब सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड कर रहा है।
कई लोगों ने इसे विभाजनकारी बयान बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
🔹 लोकतंत्र पर बढ़ती चिंता
यह विवाद बांग्लादेश में आगामी चुनावों से पहले लोकतंत्र, अल्पसंख्यक सुरक्षा और राजनीतिक संतुलन पर नए सवाल खड़े कर रहा है।




