🔹 Shadowfax IPO Listing से निवेशकों को झटका
लॉजिस्टिक सर्विस कंपनी शैडोफैक्स की Shadowfax IPO Listing कमजोर रही।
आईपीओ निवेशकों को शेयर बाजार में लिस्टिंग के साथ ही नुकसान उठाना पड़ा।
🔹 डिस्काउंट पर हुई बाजार में एंट्री
कंपनी के शेयर 124 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किए गए थे।
लेकिन Shadowfax IPO Listing बीएसई पर 113 रुपये और एनएसई पर 112.60 रुपये पर हुई।
इससे निवेशकों को करीब 9 प्रतिशत का नुकसान हुआ।
🔹 लिस्टिंग के बाद हल्की रिकवरी
शुरुआती कारोबार के दौरान शेयर ने थोड़ी रिकवरी दिखाई।
सुबह 11:15 बजे शेयर बीएसई पर 116.35 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।
फिर भी Shadowfax IPO Listing में आईपीओ निवेशक करीब 6 प्रतिशत घाटे में रहे।
🔹 आईपीओ को मिला औसत रिस्पॉन्स
कंपनी का 1,907 करोड़ रुपये का आईपीओ 20 से 22 जनवरी के बीच खुला था।
कुल मिलाकर आईपीओ 2.86 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
क्यूआईबी कैटेगरी में बेहतर रुचि दिखी, जबकि एनआईआई कैटेगरी कमजोर रही।
🔹 फंड का उपयोग और विस्तार योजना
आईपीओ से जुटाई गई राशि नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर, लीज पेमेंट और मार्केटिंग में खर्च होगी।
Shadowfax IPO Listing के जरिए कंपनी अपने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करना चाहती है।
🔹 वित्तीय प्रदर्शन में सुधार
कंपनी का घाटा 2022-23 में 142 करोड़ रुपये था, जो घटकर 2023-24 में 11.88 करोड़ रह गया।
2024-25 में कंपनी 6.06 करोड़ रुपये के मुनाफे में आई।
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में 21.04 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज हुआ।
🔹 राजस्व बढ़ा, कर्ज भी बढ़ा
कंपनी का राजस्व लगातार बढ़ा है और 2024-25 में 2,514 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
हालांकि Shadowfax IPO Listing के साथ कंपनी का कर्ज बढ़कर 147 करोड़ रुपये हो गया है।
🔹 निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों का कहना है कि Shadowfax IPO Listing लंबी अवधि में सुधार दिखा सकती है।
फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहकर कंपनी के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए।




