🔹 Bhopal में Matribhasha Samaroh 2026 का शुभारंभ
भोपाल में आज से तीन दिवसीय Matribhasha Samaroh 2026 का भव्य आयोजन शुरू हो रहा है।
यह समारोह बीएचईएल दशहरा मैदान, गोविन्दपुरा में आयोजित किया जा रहा है।
🔹 18 भाषायी परिवारों की सहभागिता
इस आयोजन में भोपाल में निवासरत लगभग 18 भाषायी परिवार भाग ले रहे हैं।
Matribhasha Samaroh 2026 के दौरान लोकनृत्य, लोकगीत और नाट्य प्रस्तुतियाँ होंगी।
यह भारत की भाषायी एकता और सांस्कृतिक विविधता को उजागर करेगा।
🔹 सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और फूड स्टॉल
समारोह में विभिन्न भाषायी समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा प्रदर्शित की जाएगी।
साथ ही Matribhasha Samaroh 2026 में पारंपरिक खान-पान के फूड स्टॉल और प्रदर्शनियाँ लगेंगी।
🔹 पहले दिन विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम
30 जनवरी को सुबह 9 बजे से विद्यार्थियों के लिए विशेष गतिविधियाँ आयोजित होंगी।
इनमें भाषायी जागरूकता, रचनात्मक कार्यक्रम और ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित नाटिका शामिल है।
🔹 दूसरे दिन गुरु तेग बहादुर पर नाटिका
31 जनवरी को गुरु तेग बहादुर के जीवन पर आधारित नाटिका का मंचन किया जाएगा।
यह प्रस्तुति त्याग, सहिष्णुता और मानवता के मूल्यों को दर्शाएगी।
🔹 अंतिम दिन बिरसा मुंडा और झूलेलाल पर प्रस्तुति
1 फरवरी को भगवान झूलेलाल और भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित नाटिकाएँ होंगी।
Matribhasha Samaroh 2026 के अंत में ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ विषय पर विशेष मंचन किया जाएगा।
🔹 भाषायी एकता का संदेश
आयोजकों के अनुसार Matribhasha Samaroh 2026 का उद्देश्य मातृभाषाओं के संरक्षण को बढ़ावा देना है।
यह आयोजन सांस्कृतिक एकता और भारतीय पहचान को मजबूत करेगा।




