🔹 Nepal Election में Swornim Wagle का बड़ा यू-टर्न
Nepal Election के बीच राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) के उपाध्यक्ष डॉ. स्वर्णिम वाग्ले ने अपने पुराने बयान को लेकर यू-टर्न ले लिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सनातन सभ्यता, हिंदू, बौद्ध और किरात परंपरा की रक्षक है।
🔹 पुराने बयान पर बढ़ा विवाद
पिछले चुनाव में वाग्ले ने कहा था कि जो नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहता है, वह पार्टी छोड़ सकता है।
अब वही बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे मतदाताओं में सवाल उठने लगे हैं।
विवाद बढ़ने के बाद वाग्ले को सफाई देनी पड़ी।
🔹 फेसबुक पोस्ट से दी सफाई
शुक्रवार सुबह फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि
उनकी पार्टी सनातन सभ्यता और लोकतांत्रिक मूल्यों का संतुलन बनाए रखती है।
उन्होंने कहा—
“हम सनातन सभ्यता के रक्षक हैं और उदार, सहिष्णु व बहुलवादी समाज का कवच हैं।”
🔹 विपक्ष पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
Nepal Election Swornim Wagle Statement के अनुसार, उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि
वे धार्मिक मुद्दों पर भ्रम फैलाकर राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे पार्टी के आधिकारिक दस्तावेज पढ़ें,
क्योंकि पार्टी ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि
नेपाल के इतिहास और सनातन सभ्यता पर गर्व है।
🔹 नेपाल की धार्मिक पहचान पर जोर
वाग्ले ने कहा कि
नेपाल की पहचान हिंदू, बौद्ध और किरात परंपराओं से बनी है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि उनकी पार्टी
इन धर्मों और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
🔹 चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी हलचल
इस बयान से Nepal Election के दौरान
धार्मिक और राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
अब मतदाता यह देख रहे हैं कि
क्या यह रुख वास्तविक है या केवल चुनावी रणनीति।




