Space Department Budget 2026-27: क्या है पूरा ऐलान?
केंद्रीय Budget 2026-27 में Space Department Budget के लिए
₹3,705.63 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
यह बजट सीधे तौर पर भारत की स्पेस क्षमताओं, रिसर्च और टेक्नोलॉजिकल डेवलपमेंट को रफ्तार देने के उद्देश्य से रखा गया है।
🔬 स्पेस टेक्नोलॉजी पर क्यों है सबसे ज्यादा फोकस?
इस बजट का बड़ा हिस्सा खर्च किया जाएगा:
- नई सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के विकास में
- लॉन्च व्हीकल और रॉकेट सिस्टम को अपग्रेड करने में
- डीप-स्पेस रिसर्च और एडवांस मिशन प्लानिंग में
- डेटा, कम्युनिकेशन और नेविगेशन सिस्टम मजबूत करने में
इन सभी क्षेत्रों में Indian Space Research Organisation (ISRO) की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।
🌌 भारत के स्पेस मिशनों को क्या फायदा होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार इस फंडिंग से:
- भविष्य के चंद्र और ग्रह मिशनों को मजबूती
- नेविगेशन और अर्थ ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट्स में सुधार
- स्टार्टअप्स और प्राइवेट स्पेस सेक्टर को बढ़ावा
- रक्षा और रणनीतिक क्षमताओं में इजाफा
यानी यह बजट सिर्फ वैज्ञानिक नहीं, बल्कि रणनीतिक निवेश भी है।
🧠 सरकार का विज़न क्या है?
सरकार का मानना है कि:
- स्पेस टेक्नोलॉजी आने वाले समय में
- कम्युनिकेशन
- मौसम पूर्वानुमान
- डिजास्टर मैनेजमेंट
- नेशनल सिक्योरिटी
जैसे क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
इसीलिए Space Department Budget 2026-27 को भविष्य की नींव माना जा रहा है।
🌍 ग्लोबल स्पेस रेस में भारत की स्थिति
कम बजट में बड़े मिशन पूरे करने की क्षमता के कारण भारत पहले ही दुनिया में अलग पहचान बना चुका है।
अब इस नई फंडिंग से:
- भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी ग्लोबल लेवल पर और प्रतिस्पर्धी हो सकती है
- अंतरराष्ट्रीय सहयोग और लॉन्च सर्विसेज में इजाफा संभव है





