🔹 प्रचंड का बड़ा राजनीतिक बयान
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल ने चुनावी स्थिति स्पष्ट कर दी है।
उन्होंने कहा कि इस चुनाव में कोई Nepal Election Alliance नहीं किया जाएगा।
🔹 ओली से तालमेल की संभावना खत्म
प्रचंड ने साफ कहा कि केपी शर्मा ओली के साथ कोई चुनावी समझौता नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि संवाद का मतलब गठबंधन नहीं होता।
🔹 सभी दलों से बातचीत जारी
प्रचंड ने बताया कि वे कांग्रेस और अन्य दलों से संवाद कर रहे हैं।
हालांकि, Nepal Election Alliance को लेकर कोई समझौता नहीं हुआ है।
🔹 165 सीटों पर अकेले चुनाव
उन्होंने कहा कि पार्टी सभी 165 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
यह फैसला Nepal Election Alliance की अटकलों पर विराम लगाता है।
🔹 राजनीति में संवाद जरूरी
प्रचंड ने कहा कि संवाद करना उनकी राजनीतिक शैली का हिस्सा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे पार्टी की पहचान कमजोर नहीं होती।
🔹 झापा और रुकुम पर जवाब
ओली को समर्थन देने के सवाल पर प्रचंड ने संभावना से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि फिलहाल Nepal Election Alliance जैसा कुछ नहीं है।
🔹 नंबर एक पार्टी बनने का दावा
प्रचंड ने भरोसा जताया कि उनकी पार्टी फिर से सबसे बड़ी बनेगी।
उन्होंने कहा कि न एमाले और न कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन होगा।
🔹 जनता के लिए साफ संदेश
प्रचंड ने कहा कि जनता को किसी भ्रम में नहीं रहना चाहिए।
Nepal Election Alliance को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट है।




