⚠️ Toxic Workplace Culture क्या होता है?
Toxic Workplace Culture वह होता है जहां:
- कर्मचारियों की सेहत और निजी जीवन की अनदेखी
- लगातार दबाव और डर का माहौल
- गलत व्यवहार को “प्रोफेशनलिज्म” के नाम पर सही ठहराना
ऐसी जगह पर:
👉 काम करने की क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य दोनों प्रभावित होते हैं।
💬 वायरल चैट में क्या हुआ?
रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- इंटर्न ने बीमारी के कारण छुट्टी मांगी
- मैनेजर ने जवाब में परफॉर्मेंस और जिम्मेदारी का हवाला दिया
- मैसेज का टोन कई लोगों को धमकी जैसा लगा
सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा:
👉 यह सिर्फ सख्ती नहीं, बल्कि
👉 कर्मचारियों पर मानसिक दबाव बनाने जैसा है।
🧠 वायरल घटना पर लोगों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने कहा:
- “बीमारी में काम मांगना गलत है”
- “इंटर्न सबसे ज्यादा शोषण का शिकार होते हैं”
- “ऐसे ऑफिस से तुरंत निकल जाना चाहिए”
यह घटना
👉 युवा कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारों पर बहस छेड़ चुकी है।
🩺 बीमार होने पर काम का दबाव क्यों खतरनाक है?
एक्सपर्ट्स मानते हैं:
- बीमारी में काम करने से रिकवरी धीमी होती है
- मानसिक तनाव बढ़ता है
- लंबे समय में बर्नआउट और डिप्रेशन का खतरा
यानी:
👉 “वर्क एथिक्स” और “वर्क एक्सप्लॉइटेशन” के बीच फर्क समझना जरूरी है।
🛑 Toxic Workplace Culture ऑफिस के 5 बड़े संकेत
- बीमारी या छुट्टी पर ताने
- हर समय उपलब्ध रहने की उम्मीद
- गलती पर अपमान या धमकी
- निजी जीवन की अनदेखी
- डर के माहौल में काम
अगर ये संकेत दिखते हैं,
तो सावधान रहने की जरूरत है।
✅ ऐसी स्थिति में क्या करें?
- अपनी सेहत को प्राथमिकता दें
- बातचीत और लिखित रिकॉर्ड रखें
- HR या सीनियर से बात करें
- जरूरत हो तो नई नौकरी तलाशें
👉 नौकरी जरूरी है,
लेकिन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य उससे ज्यादा जरूरी है।






