🔹 Collective Welfare Message का सार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक संस्कृत श्लोक साझा किया।
Collective Welfare Message में पृथ्वी और मानव जीवन का संबंध बताया गया।
🔹 प्रकृति के प्रति कृतज्ञता
प्रधानमंत्री ने वैदिक परंपरा का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि मानव को प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए।
🔹 श्लोक का अर्थ
श्लोक में पृथ्वी से निरोगी जीवन की कामना की गई।
साथ ही शक्ति और विवेक की प्रार्थना की गई।
🔹 मातृभूमि के लिए समर्पण
संदेश में राष्ट्रहित को सर्वोपरि बताया गया।
Collective Welfare Message समाज के लिए योगदान पर जोर देता है।
🔹 व्यक्तिगत नहीं, सामूहिक सोच
प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन केवल निजी उन्नति तक सीमित नहीं होना चाहिए।
बल्कि सामूहिक भलाई की दिशा में प्रयास जरूरी है।
🔹 पर्यावरण संरक्षण का संकेत
इस संदेश को पर्यावरण जागरूकता से भी जोड़ा जा रहा है।
प्रकृति के साथ संतुलन बनाए रखने की बात दोहराई गई।
🔹 सांस्कृतिक विरासत की याद
भारत की परंपरा सहअस्तित्व सिखाती है।
Collective Welfare Message उसी मूल भावना को दोहराता है।
🔹 समाज के लिए आह्वान
प्रधानमंत्री ने जिम्मेदार जीवन जीने का संदेश दिया।
उन्होंने सामूहिक कल्याण को प्राथमिकता देने की अपील की।




