🔹 Pariksha Pe Charcha 2026 में बड़ा संदेश
नई दिल्ली में आयोजित Pariksha Pe Charcha 2026 में छात्रों से सीधा संवाद हुआ।
नरेन्द्र मोदी ने कहा कि परीक्षा जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है।
🔹 जो बीत गया, उसे मत गिनिए
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते समय की चिंता छोड़ दें।
उन्होंने कहा, जो बचा है उसी पर ध्यान दें और आगे बढ़ें।
🔹 शिक्षा का असली उद्देश्य
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं है।
Pariksha Pe Charcha 2026 में सर्वांगीण विकास पर जोर दिया गया।
🔹 सलाह लें, लेकिन खुद सोचें
अलग-अलग अध्ययन पद्धतियों पर उन्होंने संतुलन की बात कही।
उन्होंने कहा कि वही तरीका अपनाएं जो आपके अनुकूल हो।
🔹 शिक्षक और छात्र की भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षक को छात्रों से एक कदम आगे रहना चाहिए।
वहीं छात्र भी तैयारी में दो कदम आगे रहने की कोशिश करें।
🔹 जीवन कौशल और संतुलन
Pariksha Pe Charcha 2026 में कौशल विकास पर भी चर्चा हुई।
उन्होंने कहा कि जीवन में संतुलन बिगड़ने से नुकसान हो सकता है।
🔹 गेमिंग पर खास सलाह
प्रधानमंत्री ने गेमिंग को कौशल बताया, लेकिन संतुलन जरूरी कहा।
उन्होंने भारतीय संस्कृति पर आधारित गेम बनाने की प्रेरणा दी।
🔹 रोज़ाना आत्ममंथन की सलाह
उन्होंने छात्रों को हर रात अगले दिन की योजना बनाने को कहा।
Pariksha Pe Charcha 2026 में आत्ममूल्यांकन को अहम बताया गया।
🔹 विकसित भारत का सपना
प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 में यही छात्र देश का नेतृत्व करेंगे।
Pariksha Pe Charcha 2026 ने विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराया।



