🔹 Pandit Deendayal Upadhyaya Tribute में राष्ट्र सर्वोपरि का संदेश
नई दिल्ली में प्रधानमंत्री ने Pandit Deendayal Upadhyaya Tribute के अवसर पर राष्ट्र सर्वोपरि की भावना को सर्वोच्च बताया।
नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सर्वस्व समर्पण वही चेतना है जिसमें राष्ट्र और मानवता को सर्वोपरि माना जाता है।
🔹 अंत्योदय की प्रेरणा
Pandit Deendayal Upadhyaya Tribute के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने समाज के अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
उनका विचार था कि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
🔹 वैदिक सुभाषित का उल्लेख
Pandit Deendayal Upadhyaya Tribute के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने वैदिक सुभाषित साझा किया।
उन्होंने कहा कि संपूर्ण सृष्टि एक सर्वोच्च चेतना से संचालित होती है।
हिमालय, समुद्र और चारों दिशाएं उसी शक्ति की महिमा को दर्शाते हैं।
🔹 राष्ट्र और मानवता की एकता
Pandit Deendayal Upadhyaya Tribute के जरिए प्रधानमंत्री ने सेवा, त्याग और राष्ट्रहित के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र और मानवता की सेवा ही सच्चा समर्पण है।
🔹 अंत्योदय से आत्मनिर्भरता तक
Pandit Deendayal Upadh्याय Tribute में यह संदेश स्पष्ट रहा कि समाज के कमजोर वर्ग को सशक्त करना ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है।



