🔹 Bengal DA Crisis ने पकड़ा तूल
कोलकाता में Bengal DA Crisis को लेकर नया मोड़ आया है। राज्य सरकारी कर्मचारियों के संगठन ने राज्य की मुख्य सचिव और वित्त सचिव को अवमानना का नोटिस भेजा है।
🔹 सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सवाल
उच्चतम न्यायालय ने 2008 से 2019 के बीच के 25% महंगाई भत्ते (DA) के बकाये का भुगतान करने का निर्देश दिया था।
न्यायमूर्ति संजय करोल और प्रशांत कुमार मिश्रा की पीठ ने स्पष्ट किया था कि डीए सरकारी कर्मचारियों का विधिक अधिकार है।
🔹 अवमानना नोटिस जारी
राज्य सरकारी कर्मचारियों के परिसंघ का आरोप है कि आदेश के बावजूद भुगतान प्रक्रिया शुरू नहीं हुई।
इसी आधार पर मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और वित्त सचिव प्रभात कुमार मिश्रा को कंटेम्प्ट नोटिस भेजा गया।
🔹 सरकार की चुप्पी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सार्वजनिक टिप्पणी से परहेज किया है।
उन्होंने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
🔹 वित्तीय बोझ का मुद्दा
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, आदेश के अनुपालन से राज्य पर लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का तत्काल बोझ पड़ेगा।
दीर्घकाल में यह राशि 42 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
🔹 आगे क्या?
उच्चतम न्यायालय ने शेष भुगतान के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने का भी निर्देश दिया है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि Bengal DA Crisis में राज्य सरकार अगला कदम क्या उठाती है।



