🔹 कमजोर शुरुआत से बढ़ी चिंता
फ्रैक्टल एनालिटिक्स आईपीओ ने स्टॉक मार्केट में कमजोर एंट्री लेकर निवेशकों को निराश किया। कंपनी के शेयर 900 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी हुए थे। बीएसई पर लिस्टिंग 900 रुपये पर ही हुई, जबकि एनएसई पर 876 रुपये पर 2.67 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ शुरुआत हुई।
🔹 लिस्टिंग के बाद बढ़ी बिकवाली
लिस्टिंग के तुरंत बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया। सुबह 11:30 बजे शेयर 862.10 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इस तरह फ्रैक्टल एनालिटिक्स आईपीओ में निवेश करने वालों को करीब 4.21 प्रतिशत का नुकसान झेलना पड़ा।
🔹 सब्सक्रिप्शन कैसा रहा?
2,840 करोड़ रुपये का यह आईपीओ 9 से 11 फरवरी तक खुला रहा। इसे कुल 2.81 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। क्यूआईबी हिस्सा 4.41 गुना भरा गया, जबकि रिटेल हिस्सा सिर्फ 1.10 गुना सब्सक्राइब हुआ। एंप्लॉयीज पोर्शन 0.65 गुना ही भर सका।
🔹 फंड का उपयोग कहां होगा?
कंपनी 1,030 करोड़ रुपये नए शेयर जारी कर जुटाएगी। यह राशि कर्ज कम करने, नए ऑफिस, रिसर्च और मार्केटिंग में निवेश के लिए इस्तेमाल होगी।
🔹 वित्तीय प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव
वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 194.40 करोड़ का लाभ हुआ था। अगले वर्ष 54.70 करोड़ का नुकसान दर्ज हुआ। फिर 2024-25 में 220.60 करोड़ का लाभ हुआ। राजस्व में लगातार वृद्धि देखी गई है।
🔹 निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रैक्टल एनालिटिक्स आईपीओ की कमजोर लिस्टिंग बाजार की सतर्कता दर्शाती है। हालांकि दीर्घकाल में कंपनी के राजस्व ग्रोथ पर नजर रखना जरूरी होगा।



