नेपाल के प्रतिनिधि सभा चुनाव में झापा–5 सीट चुनाव इस बार सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। यह सीट पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का परंपरागत गढ़ मानी जाती रही है, लेकिन इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है।
उनके सामने काठमांडू के निवर्तमान मेयर और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के उम्मीदवार बालेन शाह कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।
🔹 बदली हुई राजनीतिक परिस्थिति
‘जेन-जी’ आंदोलन के बाद नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। उसी आंदोलन के दबाव में ओली को प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था, जबकि बालेन शाह को आंदोलन के प्रमुख चेहरों में गिना जाता है। अब दोनों नेता एक-दूसरे के आमने-सामने हैं।
🔹 प्रचार रणनीति में अंतर
नामांकन के बाद बालेन शाह देशव्यापी रोड शो और जनसभाएं कर रहे हैं। उनकी सभाओं में युवाओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। दूसरी ओर, ओली झापा–5 क्षेत्र में ही डेरा डाले हुए हैं और घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं।
🔹 बढ़ा मतदाता आधार
2022 के चुनाव में झापा–5 में 1,54,289 मतदाता थे। इस बार यह संख्या बढ़कर 1,63,379 हो गई है। बढ़ते मतदाताओं और युवाओं के रुझान ने इस सीट के नतीजों को और अनिश्चित बना दिया है।
🔹 परिणाम पर सबकी नजर
संविधान सभा चुनाव 2008 को छोड़ दें तो ओली लगातार इसी सीट से जीतते आए हैं। लेकिन बालेन शाह की बढ़ती लोकप्रियता ने समीकरण बदल दिए हैं।
इस बार झापा–5 सीट चुनाव सिर्फ एक संसदीय मुकाबला नहीं, बल्कि पुरानी बनाम नई राजनीति की सीधी टक्कर बन गया है।



