🔹 सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयान पर कड़ा पलटवार किया है।
Amit Malviya on Mamata Banerjee टिप्पणी के तहत उन्होंने मुख्यमंत्री के उस दावे को भ्रामक बताया, जिसमें निलंबित एईआरओ अधिकारियों को अन्य सरकारी कार्यों में समाहित करने की बात कही गई थी।
🔹 चुनाव आयोग की शक्तियों का हवाला
अमित मालवीय ने कहा कि इन अधिकारियों का निलंबन भारत निर्वाचन आयोग की संवैधानिक शक्तियों के तहत हुआ है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 21 सितंबर 2000 के फैसले का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारी उस अवधि में पूरी तरह निर्वाचन आयोग के नियंत्रण और अनुशासनात्मक अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
🔹 कानूनी प्रावधानों का उल्लेख
Amit Malviya on Mamata Banerjee बयान में उन्होंने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और 1951 की धाराओं का हवाला दिया।
उनका कहना था कि चुनावी कार्यों में लगे अधिकारियों पर आयोग का पूर्ण अधिकार स्थापित है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी राज्य सरकार इस संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर नहीं कर सकती।
🔹 संस्थाओं की स्वतंत्रता पर जोर
अमित मालवीय ने अपने पोस्ट में कहा कि निर्वाचन आयोग के अधिकारों में हस्तक्षेप स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की बुनियाद पर सीधा हमला है।
उन्होंने यह भी कहा कि हर सार्वजनिक सेवक की पहली निष्ठा संविधान के प्रति होनी चाहिए।



