🔹 लखनऊ में बड़ा संवाद
मोहन भागवत ने लखनऊ में शोधार्थी छात्रों से संवाद किया।
इस दौरान Mohan Bhagwat Statement ने शिक्षा और स्वास्थ्य को मूलभूत आवश्यकता बताया।
🔹 शिक्षा और स्वास्थ्य पर स्पष्ट संदेश
उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सबके लिए सुलभ होने चाहिए।
Mohan Bhagwat Statement के अनुसार यह सेवाएं व्यवसाय नहीं बन सकतीं।
🔹 शोध की अहम भूमिका
उन्होंने कहा कि भारत की दिशा बदलने में शोध की बड़ी भूमिका है।
Mohan Bhagwat Statement में सत्य और प्रामाणिकता पर विशेष जोर दिया गया।
🔹 संघ का उद्देश्य
उन्होंने कहा कि संघ समाज की एकता और गुणवत्ता के लिए कार्य करता है।
Mohan Bhagwat Statement में यह भी कहा गया कि संघ किसी के विरोध में नहीं है।
🔹 वैश्वीकरण और बाजारवाद
उन्होंने कहा कि आज वैश्वीकरण का अर्थ बाजारीकरण बन गया है।
Mohan Bhagwat Statement के अनुसार संयम और त्याग भारतीय संस्कृति का आधार है।
🔹 भारत की भूमिका
उन्होंने दावा किया कि विश्व की समस्याओं के समाधान भारत के पास हैं।
Mohan Bhagwat Statement में विश्व गुरु बनने की बात भी दोहराई गई।
🔹 धर्म और जीवन दृष्टि
उन्होंने कहा कि धर्म जीवन के शाश्वत नियमों से जुड़ा है।
धर्म सबको साथ लेकर चलने की प्रेरणा देता है।
🔹 पर्यावरण संरक्षण पर जोर
उन्होंने पेड़ लगाने और पानी बचाने का आह्वान किया।
Mohan Bhagwat Statement में आधुनिक तकनीक के उपयोग की भी बात कही गई।



