आज की लाइफस्टाइल में देर night time तक जागना और खाना आम हो गया है।
लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रात का समय वजन बढ़ने का सबसे संवेदनशील समय होता है।
जैसे ही रात होती है, शरीर की बायोलॉजिकल घड़ी यानी Circadian Rhythm एक्टिव हो जाती है और मेटाबॉलिज्म स्वाभाविक रूप से धीमा पड़ने लगता है।
अंधेरा होते ही मेटाबॉलिज्म क्यों स्लो हो जाता है?
बॉडी क्लॉक का असर
हमारा शरीर दिन में एक्टिव और रात में आराम के लिए बना है।
रात में शरीर:
- कम कैलोरी बर्न करता है
- ऊर्जा की जरूरत घट जाती है
- फैट स्टोरेज बढ़ जाता है
इंसुलिन सेंसिटिविटी कम होना
रात में शरीर शुगर को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता, जिससे:
- ब्लड शुगर बढ़ती है
- अतिरिक्त कैलोरी फैट में बदलती है
मेलाटोनिन हार्मोन का रोल
अंधेरा होते ही मेलाटोनिन बढ़ता है, जो नींद लाता है लेकिन साथ ही:
- पाचन धीमा करता है
- मेटाबॉलिज्म कम करता है
night time खाने से क्या-क्या नुकसान होते हैं?
- तेजी से वजन बढ़ना
- पेट की चर्बी जमना
- एसिडिटी और ब्लोटिंग
- नींद खराब होना
- इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा
किन आदतों से बढ़ता है नाइट फैट गेन?
- सोने से ठीक पहले खाना
- रात में मीठा या तला हुआ खाना
- लेट नाइट स्नैकिंग
- देर रात तक मोबाइल/लैपटॉप यूज़
- अनियमित सोने का समय
वजन कंट्रोल रखने के स्मार्ट तरीके
- सोने से 2–3 घंटे पहले डिनर करें
- रात में हल्का और हाई-प्रोटीन खाना लें
- मीठा और फ्राइड फूड रात में अवॉइड करें
- रोज एक ही समय पर सोएं
- डिनर के बाद 10–15 मिनट वॉक करें
एक्सपर्ट टिप
अगर आपको night time में भूख लगती है, तो ये बेहतर ऑप्शन चुनें:
- दही
- मुट्ठी भर नट्स
- गुनगुना दूध
- फल (कम मात्रा में)




