🔹 अलग सोच वाली फिल्म
शतक पर आधारित यह Film Shatak Review बताती है कि फिल्म पारंपरिक सिनेमा से अलग है।
निर्देशक आशीष मॉल ने गंभीर विषय को संतुलन के साथ प्रस्तुत किया है।
🔹 कहानी में विचार की यात्रा
Film Shatak Review के अनुसार कहानी एक संगठन के लगभग सौ वर्षों के सफर को दिखाती है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यात्रा को सरल भाषा में पेश किया गया है।
केशव बलीराम हेडगेवार को एक साधारण इंसान के रूप में दिखाया गया है।
वहीं माधव सदाशिव गोलवलकर के दौर में संघर्ष अधिक स्पष्ट नजर आता है।
🔹 निर्देशन और लेखन
Film Shatak Review में निर्देशन संतुलित बताया गया है।
फिल्म ओवरड्रामैटिक नहीं होती और सहज गति बनाए रखती है।
लेखन टीम ने संवादों को सरल और प्रभावी रखा है।
भावनात्मक दृश्य दर्शकों को सोचने पर मजबूर करते हैं।
🔹 प्रोडक्शन और म्यूजिक
कृधान मीडियाटेक के बैनर तले बनी फिल्म की प्रोडक्शन क्वालिटी मजबूत है।
बैकग्राउंड स्कोर कहानी के मूड को सपोर्ट करता है।
हालांकि, संगीत फिल्म का सबसे प्रभावी पक्ष नहीं बन पाता।
🔹 Final Verdict
Film Shatak Review के आधार पर यह कहा जा सकता है कि यह फिल्म दिल में जगह बनाती है।
अगर आप इतिहास और विचारधारा में रुचि रखते हैं, तो यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।



