MNC प्रोफेशनल्स पर Income tax विभाग की सख्ती
Income Tax Department ने हाई-इनकम कमाने वाले कुछ MNC प्रोफेशनल्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जांच में सामने आया है कि कई लोगों ने अपनी वास्तविक आय कम दिखाकर और गलत टैक्स छूट क्लेम करके टैक्स बचाने की कोशिश की।
क्या हैं मुख्य आरोप?
विभाग के अनुसार संदिग्ध मामलों में:
- वास्तविक सैलरी से कम आय दिखाना
- गलत डिडक्शन और छूट क्लेम करना
- विदेशी आय की जानकारी छिपाना
- विदेश में संपत्ति का खुलासा न करना
जैसे पैटर्न सामने आए हैं।
50 लाख से ज्यादा इनकम वाले रडार पर
सूत्रों के मुताबिक, विशेष तौर पर वे प्रोफेशनल्स जांच के दायरे में हैं जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये से अधिक है।
इन मामलों में डेटा एनालिटिक्स और क्रॉस-वेरिफिकेशन के जरिए गड़बड़ियां पकड़ी गईं।
कैसे पकड़ी गई कथित गड़बड़ी?
Income tax विभाग अब उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है, जैसे:
- AIS (Annual Information Statement) मिलान
- TDS डेटा क्रॉस-चेक
- विदेशी ट्रांजैक्शन ट्रैकिंग
- बैंक और निवेश डेटा एनालिसिस
इन्हीं टूल्स से कथित मिसमैच सामने आए।
विदेशी आय छिपाने पर खास नजर
रिपोर्ट के अनुसार कुछ मामलों में:
- विदेशी बैंक खातों की जानकारी नहीं दी गई
- विदेश में खरीदी संपत्ति का खुलासा नहीं हुआ
- ग्लोबल इनकम पूरी तरह रिपोर्ट नहीं की गई
ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई संभव है।
क्या हो सकती है कार्रवाई?
टैक्स विशेषज्ञों के मुताबिक अगर आरोप साबित होते हैं तो:
- भारी पेनल्टी
- ब्याज
- नोटिस और स्क्रूटिनी
- गंभीर मामलों में अभियोजन
तक की कार्रवाई हो सकती है।
टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी सलाह
- आय की सही जानकारी दें
- सभी विदेशी आय घोषित करें
- गलत छूट क्लेम न करें
- AIS/TIS जरूर मिलाएं
- जरूरत हो तो टैक्स एक्सपर्ट की मदद लें




