🔹 गुलमर्ग की बर्फ पर ओलंपिक का सपना
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में आयोजित खेलो इंडिया शीतकालीन खेल के बीच तीन युवा अल्पाइन स्की खिलाड़ी – साहिल ठाकुर, सैयद जैन और फैजान अहमद लोन – भारत के शीतकालीन खेलों का भविष्य गढ़ रहे हैं। तीनों का लक्ष्य आगामी शीतकालीन ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना है।
इन खिलाड़ियों के मार्गदर्शक दो बार ओलंपियन रह चुके मोहम्मद आरिफ खान हैं, जिनके अनुभव ने इन युवाओं को नई दिशा दी है।
🔹 साहिल ठाकुर: विरासत से मिला हौसला
19 वर्षीय साहिल ठाकुर मनाली से हैं और स्कीइंग उनके परिवार की विरासत है। उन्होंने 2024 में शीतकालीन युवा ओलंपिक खेल में भारत का प्रतिनिधित्व किया। अब उनकी नजर 2030 में फ्रांस के आल्प्स में होने वाले शीतकालीन ओलंपिक पर है।
🔹 सैयद जैन: जुनून और परिश्रम की मिसाल
श्रीनगर के 16 वर्षीय सैयद जैन ने 2020 के खेलो इंडिया शीतकालीन खेल में स्लालम और जाइंट स्लालम में दो स्वर्ण पदक जीते। वह छह बार ओलंपियन रहे शिवा केशवन को अपनी प्रेरणा मानते हैं।
🔹 फैजान लोन: संघर्ष से सफलता तक
19 वर्षीय फैजान लोन पांच बार राष्ट्रीय स्वर्ण जीत चुके हैं। उन्होंने 2025 में शीतकालीन एशियाई खेल में भारत का प्रतिनिधित्व किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
🔹 बढ़ता आत्मविश्वास, मजबूत इरादे
तीनों खिलाड़ियों ने इटली में प्रशिक्षण लेकर अपनी तकनीक को निखारा है। उनके हेलमेट पर ओलंपिक चैंपियन फेदेरिका ब्रिग्नोने के हस्ताक्षर उनकी प्रेरणा का प्रतीक हैं।
गुलमर्ग की बर्फीली ढलानों पर ये युवा खिलाड़ी सिर्फ अभ्यास नहीं कर रहे, बल्कि भारत के शीतकालीन खेलों का नया अध्याय लिख रहे हैं।



