🔹 क्या है पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल में AI फर्जी वोटर आईडी का गंभीर मामला सामने आया है। यह घटना उत्तर 24 परगना के भांगर विधानसभा क्षेत्र में सामने आई।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान एक दस्तावेज़ जांच में पकड़ा गया। बताया गया कि एक मतदाता ने एआई से तैयार वोटर आईडी जमा की।
प्रारंभिक जांच में दस्तावेज़ को “फाउंड ओके” तक चिह्नित कर दिया गया। बाद में पता चला कि ईपीआईसी नंबर पूरी तरह फर्जी था।
🔹 एआई वॉटरमार्क से खुला राज
जांच में सामने आया कि कार्ड पर “एआई जेनरेटेड” वॉटरमार्क मौजूद था। इससे साफ हुआ कि यह AI फर्जी वोटर आईडी तकनीक से तैयार की गई थी।
यह दस्तावेज़ संबंध प्रमाण के तौर पर प्रस्तुत किया गया था। हालांकि बाद की जांच में इसकी सच्चाई सामने आई।
🔹 भाजपा ने उठाए सवाल
भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल प्रमुख Amit Malviya ने इस मामले को सोशल मीडिया पर साझा किया।
उन्होंने चुनावी पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया।
भाजपा का कहना है कि AI फर्जी वोटर आईडी जैसी घटनाएं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरा हैं।
🔹 चुनावी प्रक्रिया पर असर
इस घटना के बाद दस्तावेज़ सत्यापन प्रणाली पर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई तकनीक का दुरुपयोग रोकना जरूरी है।



