असम विधानसभा चुनाव: जालुकबारी बनी हाई-प्रोफाइल सीट, हिमंत की अजेय पकड़ बरकरार

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🔹 जालुकबारी विधानसभा सीट क्यों है खास?

असम की सोलहवीं विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच जालुकबारी विधानसभा सीट सबसे अधिक चर्चा में है। परिसीमन के बाद बदले भूगोल और मतदाता संरचना ने इस सीट को और महत्वपूर्ण बना दिया है।

यह सीट कामरूप (मेट्रो) जिले के अंतर्गत आती है और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों का मिश्रित स्वरूप रखती है।

🔹 हिमंत की लगातार जीत

इस सीट से वर्तमान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं।

उन्होंने:

  • 2001, 2006, 2011 में कांग्रेस के टिकट पर
  • 2016 और 2021 में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की।

1996 में हार के बाद 2001 से उनकी जीत का सिलसिला लगातार जारी है।

🔹 परिसीमन के बाद बदली तस्वीर

नई सीमाओं के अनुसार जालुकबारी में गुवाहाटी नगर निगम के कई वार्ड, रानी विकास खंड और उत्तर गुवाहाटी क्षेत्र जोड़े गए हैं।

प्रारूप मतदाता सूची के मुताबिक कुल मतदाता: 2,10,624

  • पुरुष: 1,00,407
  • महिला: 1,10,209
  • तृतीय लिंग: 8

यहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। मतदान केंद्रों की संख्या 222 से बढ़ाकर 247 कर दी गई है।

🔹 ऐतिहासिक चुनावी पृष्ठभूमि

1967 से अब तक इस सीट पर कांग्रेस, जनता पार्टी, असम गण परिषद और निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।

लेकिन 2001 के बाद से जालुकबारी की राजनीति का केंद्र हिमंत बिस्व सरमा बन गए हैं।

🔹 चुनावी समीकरण

आगामी विधानसभा चुनाव में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या हिमंत अपनी अजेय जीत का सिलसिला बरकरार रख पाते हैं या विपक्ष कोई नया समीकरण तैयार करता है।

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