🔹 कूनो नेशनल पार्क में नया इतिहास
कूनो नेशनल पार्क आज फिर सुर्खियों में है।
बोत्स्वाना से आठ चीते मध्य प्रदेश पहुंच रहे हैं।
इनमें छह मादा और दो नर शामिल हैं।
केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव इन्हें बाड़े में रिलीज करेंगे।
इसके बाद भारत में चीतों की संख्या 47 हो जाएगी।
🔹 कैसे होगा ट्रांसलोकेशन
चीते विशेष विमान से ग्वालियर लाए जाएंगे।
फिर हेलीकॉप्टर से कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया जाएगा।
पार्क में पांच हेलीपैड तैयार किए गए हैं।
सभी औपचारिकताएं वैज्ञानिक प्रोटोकॉल के तहत पूरी होंगी।
चीते लगभग एक माह तक क्वारंटाइन में रहेंगे।
इसके बाद उन्हें खुले जंगल में छोड़ा जाएगा।
🔹 प्रोजेक्ट चीता की सफलता
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को प्रोजेक्ट शुरू किया था।
तब से कूनो नेशनल पार्क चीतों का नया घर बन रहा है।
अभी तक यहां कई शावकों का जन्म हो चुका है।
कुछ चीते गांधी सागर अभयारण्य में भी स्थानांतरित किए गए हैं।
🔹 क्यों खास है कूनो नेशनल पार्क
कूनो राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान सीमा के पास स्थित है।
यह क्षेत्र चीतों के लिए उपयुक्त माना गया है।
यहां पर्याप्त शिकार और जल स्रोत उपलब्ध हैं।
स्थानीय ग्रामीणों को ‘चीता मित्र’ भी बनाया गया है।
🔹 आगे क्या
विशेषज्ञ मानते हैं कि कूनो नेशनल पार्क अब स्थायी बसाहट के चरण में है।
नई खेप से प्रजनन और संरक्षण को बल मिलेगा।



