गोबर से बन रहा प्राकृतिक पेंट
Jhansi जिले के Chirgaon ब्लॉक के गुलारा गांव की गौशाला महिला सशक्तिकरण और गौवंश संरक्षण का अनूठा उदाहरण बनकर उभरी है।
यहां निराश्रित गौवंशों की देखभाल के साथ-साथ गाय के गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाकर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
500 से अधिक महिलाएं जुड़ीं
Uttar Pradesh State Rural Livelihood Mission के तहत 52 स्वयं सहायता समूहों की 500 से अधिक महिलाओं ने “गोवर्धन प्रेरणा महिला लघु उद्योग समिति” बनाकर वर्ष 2025 में खादी प्राकृतिक पेंट प्लांट की शुरुआत की।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता के अवसर प्रदान करना है।
प्रशिक्षण के बाद शुरू हुआ प्लांट
महिला समूह की सदस्यों को Kumarappa National Handmade Paper Institute, जयपुर में प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद महिलाओं ने प्राकृतिक पेंट निर्माण की यूनिट शुरू की।
इस यूनिट की स्थापना में डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स नामक गैर सरकारी संस्था ने भी तकनीकी और आर्थिक सहयोग दिया।
पर्यावरण के अनुकूल है पेंट
गोबर से तैयार प्राकृतिक पेंट पर्यावरण के लिए सुरक्षित माना जाता है और इसकी बाजार में मांग लगातार बढ़ रही है।
Yogi Adityanath भी कई बार सरकारी भवनों को गोबर से बने प्राकृतिक पेंट से रंगने के निर्देश दे चुके हैं।
रोजाना बनता है हजार लीटर पेंट
समिति की सचिव दमयंती राजपूत के अनुसार इस प्लांट में रोजाना लगभग 1000 लीटर प्राकृतिक पेंट तैयार किया जाता है।
यह पेंट कंपनियां थोक में खरीदकर बाजार में बेचती हैं, जिससे महिलाओं को अच्छी आमदनी हो रही है।
महिलाओं को मिली आत्मनिर्भरता की राह
गुलारा गौशाला और पेंट प्लांट की पूरी जिम्मेदारी महिलाएं संभालती हैं।



