मधेपुरा में जनसभा को किया संबोधित
बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने समृद्धि यात्रा के तहत Madhepura में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।
अपने भाषण में उन्होंने राज्य में हुए विकास कार्यों, कानून व्यवस्था में सुधार और वर्ष 2005 के बाद आए बदलावों का जिक्र किया।
राज्यसभा मुद्दे पर नहीं बोले
हालांकि पूरे संबोधन के दौरान उन्होंने राज्यसभा जाने के मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा।
इससे पहले Supaul में आयोजित सभा में भी उन्होंने करीब आधे घंटे तक भाषण दिया, लेकिन इस विषय पर चुप्पी बनाए रखी।
इसी कारण अब उनके राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विकास कार्यों का किया उल्लेख
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले बिहार की कानून व्यवस्था काफी खराब थी और लोग शाम के बाद घर से बाहर निकलने से डरते थे।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसे क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य किए हैं।
मंत्री विजय चौधरी की प्रतिक्रिया
सभा में Vijay Kumar Chaudhary ने कहा कि राज्यसभा जाना मुख्यमंत्री का निजी निर्णय है और वे आगे भी बिहार के विकास के लिए काम करते रहेंगे।
लोगों के बीच चर्चा तेज
गौरतलब है कि 5 मार्च को नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया था।
इसके बाद से यह मुद्दा राज्य और देश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मधेपुरा की सभा में कुछ लोगों ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार को दिल्ली जाने के बजाय बिहार में रहकर मुख्यमंत्री के रूप में काम करना चाहिए।



