विधानसभा में अनुदान मांगें पारित
छत्तीसगढ़ विधानसभा में बुधवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा अनुदान मांग पारित के तहत वित्त मंत्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 11,470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपये की अनुदान मांगें पारित की गईं।
विभिन्न विभागों के लिए स्वीकृत बजट
पारित अनुदान मांगों में अलग-अलग विभागों के लिए राशि निर्धारित की गई है।
- वित्त विभाग – 9,630 करोड़ 30 लाख 20 हजार रुपये
- आवास एवं पर्यावरण विभाग – 1,247 करोड़ रुपये
- योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग – 82 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपये
- वाणिज्यिक कर विभाग – 510 करोड़ 82 लाख 70 हजार रुपये
वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर जोर
अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और तकनीकी सुधार के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
उन्होंने कहा कि समावेशी विकास के जरिए राज्य को मजबूत आर्थिक आधार प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
गृह निर्माण मंडल की स्थिति में सुधार
आवास एवं पर्यावरण विभाग की चर्चा के दौरान मंत्री चौधरी ने बताया कि सरकार बनने के समय छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की 442 करोड़ रुपये की 3,219 संपत्तियां लंबे समय से अविक्रित थीं।
इसके अलावा मंडल पर शासकीय कॉलोनी निर्माण के लिए 735 करोड़ रुपये का ऋण भी था। सरकार ने बजट में एकमुश्त भुगतान की व्यवस्था कर मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार किया।
वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू
मंत्री ने बताया कि अविक्रित संपत्तियों के विक्रय के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की गई है।
इसके तहत अब तक 1,410 संपत्तियां लगभग 210 करोड़ रुपये में बेची जा चुकी हैं।
नए आवास प्रोजेक्ट शुरू
मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि गृह निर्माण मंडल का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में मंडल ने राज्य के 33 में से 27 जिलों में 3,069 करोड़ रुपये के 78 नए प्रोजेक्ट शुरू किए हैं।
इन परियोजनाओं के तहत 16,782 नई संपत्तियों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
आवास मेले में मिली अच्छी प्रतिक्रिया
मंत्री ने बताया कि नवंबर 2025 में राज्य स्तरीय आवास मेले का आयोजन किया गया था।



