पश्चिम मेदिनीपुर में तेज हुई चुनावी सरगर्मी
पश्चिम बंगाल के प्रमुख राजनीतिक जिलों में शामिल Paschim Medinipur में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
जिले की अधिकांश सीटों पर मुख्य मुकाबला All India Trinamool Congress और Bharatiya Janata Party के बीच माना जा रहा है।
19 विधानसभा सीटों पर चुनावी समीकरण
जिले में कुल 19 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें 13 सामान्य, तीन अनुसूचित जाति और तीन अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।
2021 के विधानसभा चुनाव में यहां लगभग 45 लाख से अधिक मतदाता थे और मतदान प्रतिशत करीब 88 प्रतिशत दर्ज किया गया था।
जंगलमहल क्षेत्र में आदिवासी मतदाताओं का प्रभाव
जंगलमहल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले Nayagram, Gopiballavpur, Jhargram और Binpur जैसे क्षेत्रों में आदिवासी मतदाताओं का प्रभाव अधिक है।
इन क्षेत्रों में विकास, सड़क, सुरक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे चुनावी राजनीति को प्रभावित करते हैं।
वामपंथ का गढ़ रहे क्षेत्र
Garbeta, Salboni और Keshpur जैसे इलाके पहले वामपंथी राजनीति के मजबूत केंद्र माने जाते थे।
हालांकि वर्तमान समय में इन क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस का प्रभाव अधिक दिखाई देता है, जबकि भाजपा भी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटी हुई है।
शहरी सीटों पर कड़ा मुकाबला
जिले के शहरी क्षेत्रों में शामिल Medinipur और Kharagpur सदर विधानसभा सीटों पर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा काफी अधिक देखी जाती है।
2021 के चुनाव में खड़गपुर सदर सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की थी, जिससे यह सीट राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण बन गई है।
निर्णायक साबित हो सकती हैं कई सीटें
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार आगामी चुनाव में Ghatal, Dantan और Narayangarh जैसी सीटों पर बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।



