विधानसभा में आवास और पेयजल का मुद्दा गरमाया
Jharkhand विधानसभा के बजट सत्र के 14वें दिन सदन में रांची के धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मौजा के आवास आवंटन और Garhwa जिले के पेयजल संकट का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया गया।
विधायकों ने विस्थापितों को जल्द बसाने और ग्रामीण इलाकों में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
धुर्वा के आवास आवंटन पर उठा सवाल
Dhurwa के जगन्नाथपुर मौजा में बने मकानों के आवंटन का मामला हटिया विधायक Navin Jaiswal ने सदन में उठाया।
उन्होंने कहा कि तैयार मकानों को जल्द से जल्द वास्तविक विस्थापितों को दिया जाना चाहिए।
सरकार ने सर्वे और गड़बड़ी का दिया ब्यौरा
जवाब में विभागीय मंत्री Sudivya Kumar ने बताया कि जगन्नाथपुर मौजा में कुल 393 मकान बनकर तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में पूर्ववर्ती सरकार के समय एक निजी परामर्श संस्था के माध्यम से विस्थापित लाभुकों की सूची का सर्वे कराया गया था।
मंत्री के अनुसार, इस रिपोर्ट में 108 ऐसे नाम मिले हैं जो वास्तविक लाभुक नहीं, बल्कि बाहरी लोग बताए गए हैं।
बाहरी लोगों को आवंटन नहीं होगा
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि हेमंत सोरेन सरकार किसी भी हाल में बाहरी लोगों को जमीन या मकान आवंटित नहीं होने देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जांच कर सरकार अगले सत्र से पहले ठोस निर्णय लेगी।
अतिरिक्त जमीन लौटाने पर भी उठा प्रश्न
सदन में विधायक नवीन जायसवाल ने भूमि अधिग्रहण कानून-2013 और राज्य सरकार के घोषणा पत्र का हवाला देते हुए अधिग्रहित अतिरिक्त जमीन रैयतों को लौटाने का मुद्दा भी उठाया।
इस पर मंत्री ने कहा कि झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार अतिरिक्त अधिग्रहित जमीन वापस नहीं की जाएगी।
गढ़वा में पेयजल संकट पर चिंता
वहीं भवनाथपुर विधायक Anant Pratap Deo ने गढ़वा जिले में पेयजल संकट का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि गढ़वा ड्राई क्षेत्र में आता है और पाइपलाइन से पानी पहुंचाने की योजनाएं अभी तक प्रभावी रूप से लागू नहीं हो सकी हैं।
चापाकल लगाने की मांग
विधायक ने कहा कि पहले विधायकों को अपने क्षेत्र में 10-10 चापाकल लगवाने की अनुमति मिलती थी, जिससे ग्रामीणों को राहत मिलती थी।



