अचानक चर्चा में आए कर्मवीर बौद्ध
हरियाणा की राजनीति में कर्मवीर बौद्ध राज्यसभा पहुंचने के बाद चर्चा तेज हो गई है। उनका नाम पहले ज्यादा चर्चित नहीं था।
लेकिन हालिया घटनाओं के बाद वे राजनीतिक सुर्खियों में आ गए।
संविधान बचाओ अभियान से मिली पहचान
कर्मवीर बौद्ध ने राहुल गांधी के संविधान बचाओ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। इस अभियान से उनकी पहचान मजबूत हुई।
इसी कारण कर्मवीर बौद्ध राज्यसभा का टिकट मिलने पर सभी चौंक गए।
सरकारी सेवा से राजनीति तक सफर
कर्मवीर बौद्ध हरियाणा सिविल सचिवालय में अधीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा।
इस तरह कर्मवीर बौद्ध राज्यसभा तक पहुंचने का सफर खास माना जा रहा है।
आंदोलन में निभाई अहम भूमिका
आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या के बाद हुए आंदोलन में बौद्ध सक्रिय रहे। उन्होंने इस आंदोलन का नेतृत्व भी किया।
इससे कर्मवीर बौद्ध stateसभा तक पहुंचने में उनकी पहचान मजबूत हुई।
कांग्रेस में मिला बड़ा मौका
कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा का टिकट देकर बड़ा भरोसा जताया। यह फैसला कई नेताओं के लिए चौंकाने वाला था।



