चैत्र अमावस्या 18 मार्च! पितृ तर्पण से मिलेगा पुण्य और आशीर्वाद, जानें शुभ मुहूर्त

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18 मार्च को चैत्र अमावस्या का महत्व

18 मार्च को चैत्र अमावस्या पितृ तर्पण का पावन दिन है। यह दिन पितरों की शांति और पुण्य कार्यों के लिए खास माना जाता है।

इस दिन किए गए कर्मों का कई गुना फल मिलता है।

पितृ तर्पण का विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन तर्पण और जल अर्पण करने से पितरों को शांति मिलती है।

इसलिए चैत्र अमावस्या पितृ तर्पण को कृतज्ञता व्यक्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है।

दान-पुण्य से मिलता है फल

इस दिन स्नान, दान और जप-तप करने से पापों का नाश होता है। जल, अन्न और वस्त्र का दान विशेष फलदायी माना गया है।

इस कारण चैत्र अमावस्या पितृ तर्पण का महत्व और बढ़ जाता है।

जानें शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:52 से 5:40 तक रहेगा, जो साधना के लिए उत्तम समय है।

इसके अलावा दिन में कई शुभ मुहूर्त हैं, इसलिए चैत्र अमावस्या पितृ तर्पण के लिए सही समय चुनना जरूरी है।

जीवन में सुख-समृद्धि का अवसर

मान्यता है कि इस दिन पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। इससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

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