पटना में मनाया गया भव्य उत्सव
पटना में भारतीय नववर्ष उत्सव पटना बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने 45 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए।
नववर्ष का सांस्कृतिक महत्व
वक्ताओं ने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से भारतीय नववर्ष की शुरुआत होती है। यह दिन नवसृजन और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है।
इसलिए भारतीय नववर्ष उत्सव पटना का महत्व विशेष माना गया।
डॉ. हेडगेवार के जीवन पर चर्चा
कार्यक्रम में संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार के जीवन और विचारों पर प्रकाश डाला गया। उनके योगदान को याद किया गया।
इस दौरान भारतीय नववर्ष उत्सव पटना में राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया।
समाज और राष्ट्र निर्माण पर जोर
वक्ताओं ने कहा कि संघ व्यक्ति निर्माण के जरिए समाज परिवर्तन का कार्य कर रहा है।
इससे भारतीय नववर्ष उत्सव पटना में सामाजिक मूल्यों पर भी चर्चा हुई।
पथ संचलन और आयोजन आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम के बाद स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। इसमें अनुशासन और एकता का प्रदर्शन किया गया।



