🔴 सरमा बयान से गरमाई राजनीति
सरमा बयान के बाद असम की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री ने प्रख्यात बुद्धिजीवी हिरेन गोहाईं पर सीधा हमला बोला है।
🗣️ गोहाईं को बताया कांग्रेस समर्थक
सरमा बयान में कहा गया कि गोहाईं लंबे समय से कांग्रेस के समर्थन में काम कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि वे प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही विरोध कर रहे हैं।
⚠️ मंच पर भी उठाए सवाल
सरमा बयान में ‘सम्मिलित नागरिक मंच’ को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
उन्होंने इसे परोक्ष रूप से कांग्रेस से जुड़ा हुआ मंच बताया है।
🏛️ शिवसागर पर भी टिप्पणी
सरमा बयान के दौरान शिवसागर की राजनीति पर भी चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि वहां उम्मीदवार को लेकर सहयोगी दल से बातचीत जारी है।
🚫 भाजपा में असंतोष से इनकार
सरमा बयान में पार्टी के अंदर असंतोष की खबरों को पूरी तरह खारिज किया गया है।
उन्होंने कहा कि केवल कुछ लोगों को छोड़कर सभी एकजुट हैं।
👥 नेताओं की नाराजगी पर सफाई
सरमा बयान में निहार रंजन दास समेत अन्य नेताओं की नाराजगी को भी गलत बताया गया।
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले पार्टी पूरी तरह मजबूत स्थिति में है।
🔍 क्या है आगे की रणनीति?
सरमा बयान के बाद अब सभी की नजरें आगामी चुनाव पर टिकी हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि इसका राजनीतिक असर कितना पड़ता है।



