🙏 विश्रांत घाट पर उमड़ी श्रद्धा की लहर
औरैया में चैत्र नवरात्रि की छठ के अवसर पर मनाई जाने वाली यमुना जयंती पर यमुना तट स्थित प्राचीन विश्रांत घाट पर भव्य आरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की।
🔔 शंख-घंटों की गूंज से गूंजा घाट
“एक विचित्र पहल सेवा समिति” के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से यमुना मैया की पूजा-अर्चना की। आरती के दौरान शंख और घंटों की गूंज के बीच “जय यमुना मैया” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
🌊 यमुना का धार्मिक महत्व
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि यमुनोत्री धाम से निकलने वाली यमुना नदी का हिंदू धर्म में विशेष स्थान है। मान्यता है कि यमुना स्नान से पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
🪔 दीपदान से जगमगाया यमुना तट
आरती के बाद श्रद्धालुओं ने दीपदान कर अपने परिवार की खुशहाली और सुरक्षा की कामना की। यमुना तट पर सजे हजारों दीपों की रोशनी ने पूरे वातावरण को अलौकिक बना दिया।
🤝 सांस्कृतिक एकता का संदेश
इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की बड़ी भागीदारी रही। कार्यक्रम ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि समाज में एकता और सांस्कृतिक विरासत के महत्व को भी उजागर किया।



